सुनहरे कल की ओर बढ़ता उत्तरप्रदेश, बेहतर होती बिजली व्यवस्था

ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तरप्रदेश सरकारी की कोशिशों का असर दिखने लगा है। शहर से लेकर गांव तक हर जगह बिजली आपूर्ति के घंटों में इजाफा दर्ज किया गया है। इस बात की जानकारी एक सर्वे के जरिए मिली है।

कवाल (कानपुर, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद लखनऊ) में हुआ सर्वे

राज्य के प्रमुख पांच शहरों कानपुर, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद और लखनऊ में किए गए सर्वे के मुताबिक बिजली आपूर्ति पहले के मुकाबले बेहतर हुई है। सर्वे के अनुसार ग्रामीण इलाकों में 9 से 14 घंटे, तहसील इलाके में 9 से 16 घंटे, जोनल इलाकों 18 से 22 घंटे, शहरी इलाकों में 20 से 24 घंटे और कवाल के कस्बों में 20 से 24 घंटे सप्लाई हो रही है।

Electricity (3)सरकार ने बजट में किया इजाफा

बिजली व्यवस्था बेहतर होने के पीछे सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। ऊर्जा की अबाध आपूर्ति के लिए सरकार ने बजट में इजाफा किया है। पिछली सरकार ने 2011-12 में 8,933 करोड़ रुपए खर्च किया था। जिसे अखिलेश यादव की सरकार में बढ़ा दिया गया। 2012-13 में 9,529 करोड़ रुपए, 2013-14 में 13,790 करोड़ रुपए, 2014-15 में 28,079 करोड़ रुपए जबकि 2015-16 में यह बजट बढ़ाकर 50,920 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

बैकअप के लिए सरकार ने किया इंतज़ाम

मई और जून की तपिश में बिजली की खपत बढ़ जाती है। इसी वक्त सबसे ज्यादा समस्याएं भी देखी जाती हैं। परंतु सरकार ने 1000 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली का इंतजाम बतौर बैकअप किया है ताकि विषम परिस्थितियों में भी सप्लाई बाधित ना हो।

सस्ते दर पर बिजली आपूर्ति

बेहतर आपूर्ति के साथ ही इस बात का भी ख्याल रखा गया है कि उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत ना चुकाना पड़े। इसलिए उत्पादन एवं वितरण को ध्यान में रखते हुए सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि किसी वर्ग को असुविधा ना हो।

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